छठ पर्व



नहाय खाय के साथ छठ पर्व की शुरूआत हो गई है। पटनासिटी में गंगा घाट पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने स्नान किया। इसके बाद वो खरना की तैयारी में जुट गईं। महिलाएं छठ मईया का गाना गाते हुए जाते में गेहूं पीस रही हैं। वहीं रांची के घाटों पर छठ पूजा की तैयारी शुरु हो चुकी है....घाटों का जब जायजा लिया गया..तो पता चला कि जहां १० लाख छठ वर्ती अपने इष्ट देवता को अर्ग देंगे.....वहां साफ सफाई औऱ पर्याप्त रौशनी के दावे खोखले साबित हो रहे हैं.....जबकि विभिन्न समितियों द्वारा किया जा रहा वैकल्पिक इंतजाम छठवर्तियों के लिए काफी राहत भरा होगा। नालंदा के बड़गांव में स्थित सू्र्य तालाब में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरु हो चुका है।...

ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण के पौत्र राजा शाम ने इसी तालाब में स्नान किया था... जिसके बाद उन्हें शारीरिक रोगों से मुक्ति मिल गई थी । दूर-दूर से लोग यहां स्नान के लिए आ रहे हैं। ऐसी मान्यता है कि राजा शाम ने जब इस तालाब में स्नान किया तो उन्हें कुष्ट रोगों से मुक्ति मिली थी।...राजा शाम ने उस जगह बड़ा तालाब खुदवाने का फैसला किया।... तालाब की खुदाई के दौरान वहां भगवान सूर्य की एक विशाल प्रतिमा मिली।... प्रतिमा को वहीं स्थापित कर सूर्य मंदिर का निर्माण किया गया। पटना से करीब 45 किलोमीटर दूर दुल्हिन बाजार ब्लॉक स्थित उलार सूर्य मंदिर में छठ को लेकर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है।... दूर-दराज से छठव्रतियों का आना शुरू हो गया है।... ऐसी मान्यता है जो भी यहां सच्चे मन से मनौतियां मांगता उनकी मुरादें पूरी होती हैं।.... बताया जाता है कि ये श्रीकृष्ण के वंशज साम्ब के बारह उपासना केंद्रों में से एक है।

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